विधायकों के ‘चिट्ठी बम’ से और रोमांचक हो जाएगा संसदीय चुनाव

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गोपनीय चिट्ठी वायरल होने भाजपाई पस्त तो सपाइयों के हौंसलों को लगे पंख
रणनीति हो गई लीक अब नए पैंतरे से करना होगी पार्टी को मशक्कत
बदायूं। आने वाले संसदीय चुनाव में बदायूं की वीआईपी सीट पर कमल खिलाने की कोशिश में भाजपा विधायकों द्वारा बनाए गए ‘चिट्ठी बम’ की गूंज सड़क से लेकर संसद तक पहुंची है। भितरघातियों द्वारा वायरल किए गए इस चिट्ठी बम से जहां एक ओर संसदीय चुनाव और भी ज्यादा रोमांचक हो जाएगा, वहीं अब भाजपा को नए सिरे से नई रणनीति के तहत मशक्कत करना होगी।
सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता की अगुवाई में पिछले दिनों सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ को दातागंज विधायक राजीव कुमार सिंह, बिल्सी विधायक आरके शर्मा और एमएलसी जयपाल सिंह ने संयुक्त रूप से एक चिट्ठी लिखी थी। यह चिट्ठी कम और आगामी चुनाव की रणनीति ज्यादा थी, ताकि सपा सांसद धर्मेंद्र यादव की हैट्रिक को रोकने के साथ ही सीट भाजपा के खाते में डाली जा सके।
वहीं कुछ भितरघातियों ने इस गोपनीय चिट्ठी को वायरल कर दिया। इसका सीधा फायदा समाजवादी पार्टी को पहुंचा है। क्योंकि चिट्ठी में जहां एक ओर सांसद धर्मेंद्र यादव की लोकप्रियता और विकास कार्यों का जिक्र है, वहीं 10 नए विकासकार्य कराकर सांसद को पीछे छोड़ने की रणनीति। हालांकि चिट्ठी वायरल होने के बाद यह रणनीति उजागर हो गई। वहीं भाजपा खेमे में सांसद के प्रति खौफ को देखकर समाजवादी खेमा जोश से लवरेज हो चुका है।
जबकि भाजपा कार्यकर्ता इसलिए मायूसी की जद में आ गए हैं, क्योंकि उन्हें लगने लगा है कि जब खुद भाजपा विधायक और एमएलसी संसदीय चुनाव में भाजपा की जीत को लेकर आशंकित हैं तो भला इस मिशन को कैसे कामयाबी मिलेगी।

पब्लिक का फायदा ही फायदा
भाजपा विधायकों की यह चिट्ठी वायरल न होती और उनके दिए बिंदुओं पर विकास कार्य शुरू हो जाते तो आने वाले दिनों में बदायूं के विकास की दशा और दिशा दोनों ही बदल जातीं। बदायूं जैसा पिछड़ा जिला उन सभी संसाधनों से लैस हो जाता तो कई मंडल मुख्यालयों पर भी मौजूद नहीं हैं। ऐसे में पब्लिक का फायदा ही फायदा था।

ये थी विधायकों की रणनीति
विधायकों द्वारा भेजी गई चिट्ठी में जिले में पैरामेडिकल कालेज की स्थापना, राजकीय इंजीनियरिंग कालेज की स्थापना, शहर में ट्रांसपोर्टनगर की स्थापना, नवसृजित विकास खंडों के भवनों का निर्माण, कुंवरगांव, बिनावर और वजीरगंज में राजकीय डिग्री कालेज का निर्माण शामिल था। इसके अलावा इसी चिट्ठी में कछला गंगाघाट का नाम बदलकर राजा भागीरथ घाट समेत गंगा की सफाई, सोत, महावा और भैंसोर नदियों को पुनर्जीवित कराना, कृषि विश्व विद्यालय व महाविद्यालय की स्थापना के साथ ही शेखूपुर चीनी मिल का विस्तार और पशु अनुसंधान संस्थान व गौ संवर्धन केंद्र की स्थापना का प्रोजक्ट शामिल था। इस रणनीति के बलबूते ही भाजपा धर्मेंद्र यादव को पछाड़कर संसदीय सीट अपने खाते में डालने की तैयारी में थी।

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